एक समय था (कविता का शीर्षक)

एक समय था (कविता का शीर्षक)


एक समय था .. जब हम लोग अजनबी हुआ करते थे,

एक समय था . जब वो अजनबी होकर भी अपने से लगे करते था,

एक समय था . जब आंखें हमेसा सिर्फ उसी को ही ढूंढा करती थी,

एक समय था .. जब उसे न देखो तो चैन नहीं मिला करता था,

एक समय था .. जब सिर्फ आँखों ही आँखो से बात हुआ करती थी,

एक समय था .. जब उसकी एक झलक देख लेने से , बड़ी खुसी मिला करती थी,

एक समय था . जब दिल उससे बात करने के लिए बेचैन सा रहता था

एक समय था .. जब उसे फेसबुक पर सर्च करा करते थे और उसके न मिलने पर  बहोत अफ़सोस करा करते थे,

एक समय था .. जब दिल सिर्फ उसी को याद किया करता था और उसी के लिए धड़कता था ,

एक समय था .. जब ख्वाहिस सिर्फ और सिर्फ  उसी उसी की किया करते थे,

एक समय था .. जब हम हर दुआ में उसी को शामिल किया करते थे, 

एक समय था .. जब उसे खुदा से माँगा करते थे,

एक समय था .. जब वो फेसबुक पे मिल गया था मानो दुनिया की सारी खुशियां ही मिल गयी हों,

एक समय था .. मानो ऐसा लग रहा था, की रब ने मेरी फरियाद सुन ली हो

एक समय था … जब हम फ्रेंड्स बन गए थे और हमारी बाते होने लगी थी,

एक समय था .. जब सुबह, उसकी फोटो देखकर  होती थी,

एक समय था … जब सुबह सुबह गुड मॉर्निंग बोला करते थे,

एक समय था  .. जब उसकी एक फोटो को सौ-सौ बार देखा करते थे और दोस्तों को दिखाया करते थे,

एक समय था … जब दोस्तों को तुम्हारी फोटो दिखाके कहा करते थे की ये तुम्हारी भाभी है और इसे लाइन नहीं मरना  

एक समय था …  जब दो मिनट बात करके भी दिनभर खुसी से झूमा करते थे,

एक समय था … जब उसके ऑनलाइन आने का घंटों-घंटो इंतजार किया करते थे,

एक समय था .. जब हम बोलते ही रहते थे और वो सुनता ही रहता था,

एक समय था … जब एक दिन भी उसकी फोटो देखे बिना रहा ही नहीं जाता था और बड़ी बेचैनी सी मिला करती थी,

एक समय था … जब सिर्फ और सिर्फ  दिल की ही सुना करते थे,

एक समय था .. जब दिल और दिमाग में सिर्फ और सिर्फ उसी का राज हुआ करते  थे ,

एक समय था .. जब उसकी फोटो न देखो तो दिल भरता नहीं था और दिन सूना सूना सा लगता रहता था

एक समय था .. जब हम उसे अपनी बातों ही बातो से बोर किया करते थे और उसका जवाब हाँ हूँ में ख़तम हो जाया करता था,

एक समय था .. जब हम दोनों ने प्यार का इज़हार कर दिया था और वो भी फेसबुक पर,

एक समय था .. जब फ़ोन पे घंटों बात हुआ करती थी और बोहोत रोमांटिक हुआ करती थी,

एक समय था .. जब उसका और मेरा रास्ता अलग अलग हो गया था , 

एक आज का वक़्त है.. जब उसके होने या ना होने से कोई फरक ही नहीं पड़ता है,

 एक आज का वक़्त है.. जब दिल में उसके लिए एक भी जगह नहीं है और कुछ याद नहीं की कुछ हुआ भी था, 

 एक आज का वक़्त है.. जब हम फिर से अजनबी हो चुके हैं और अपने  रस्ते में चल रहे है सब कुछ भूल कर……. 


Published by Kaushlendra Kumar 


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