चूहा और शेर हिंदी कहानी | Moral Hindi Story

चूहा और शेर हिंदी कहानी  | Moral Hindi Story
चूहा और शेर हिंदी कहानी | Moral Hindi Story

आज मै आपको शेर और चूहे की कहानी बताने जा रहा हूँ। यह कहानी बहुत आनंद दायक है आप इसे जरूर पड़े मै आशा करता हूँ की आपको यह कहानी बहोत अच्छी लगेगी।

हम सभी जानते हैं, शेर जंगल का राजा होता है। एक बार एक शेर बहोत गहरी नींद में सो रहा था। जब एक छोटा चूहा उसके ऊपर और नीचे दौड़ने लगा। इससे शेर जाग गया। वह क्रोधित हुआ और अपने विशाल पंजे के साथ चूहा को पकड़ लिया। फिर शेर ने उसे निगलने के लिए अपना बड़ा सा मुँह खोला। चूहे ने यह देखा तो वह बहोत तेजी से डर गया और बोला हे जंगल के राजा, मुझे माफ कर दो, मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था मुझे आपको जगाना नहीं चाहिए था मुझे माफ कर दो। मैं आपकी दया को कभी नहीं भूलूंगा। मैं छोटा हो सकता हूं, लेकिन कौन जानता है, किसी दिन आपको मेरी मदद की जरूरत हो तो मै आपकी मदद जरूर करूँगा। शेर ने हँसकर कहा की तुम क्या मेरी मदद करोगे पर मै तुम्हे आजाद कर देता हू और चूहा को आज़ाद कर दिया। कुछ दिनों बाद, शेर एक शिकारी के जाल में फंस गया। वह दहाड़ता रहा लेकिन व्यर्थ उसकी मदद के लिए कोई नहीं आया। यह देखकर शेर बहोत निराश हुआ। उसी समय की बात है चूहा वहा से निकल पड़ा उसने देखा शेर जल में फसा है तो वो शेर के पास दौड़ कर आया शेर ने चूहे से कहा की मै जाल में फस गया हू। कृपया करके मुझे इस जाल से निकालो। चूहा यह सुनकर बहोत खुस हुआ की मै शेर के कुछ तो काम आया चूहा ने तुरंत ही अपने छोटे-छोटे दांतों से जाल को काटना शुरू कर दिया। जल्द ही शेर मुक्त हो गया और उसने छोटे चूहे को धन्यवाद दिया। इसके बाद, वे दोस्त बन गए।

Moral: जरूरत में एक दोस्त वास्तव में एक दोस्त है।

Note:अगर आपको और कोई कहानी अच्छी लगती है जिसे आप पड़ना चाहते है तो आप हमें कहनी का नाम बताये मै उस कहानी को जरूर डालने की कोशिश करूँगा और अगर आपको कोई कहानी आती है तो आप हमसे जरूर साझा करे मै उस कहानी को अपनी वेबसाइट में डालूंगा आपके नाम सहित दन्यबाद।

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