प्रेरक कहानियां

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प्रेरक कहानियां:

नमस्कार दोस्तों आज फिर मै आपकी सेवा में हाजिर हू। मेरा नाम कौशलेन्द्र कुमार है। मै आज सच्ची प्रेरणादायक कहानी लेकर आया हूँ। किसी कारण से मै उनका नाम नहीं बता सकता हूँ उसके लिए मै आपसे माफी मांगता हू। पर ये सच्ची कहानी है और सच्चा संघर्ष है उनके जीवन का। बड़े ध्यान से सुनना सायद उन्होंने अपनी कहानी आपको सुनाई हो।

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एक गांव में दो लड़के रहते हैं। वे बड़े गरीब थे। वो दोनों भाई थे। उनके पिता भी बहुत गरीब थे की वो एक वक्त का खाना भी सही से नहीं खा पते थे।

दोनों लड़के बड़े होनहार थे। दोनों ने ये सोच रखा था कि हमारे पिता जैसे रहे पर हम लोग कुछ अच्छा करेंगे और अपने जीवन को अच्छा बनायेगे।

यहां तक ​​उनमे से एक लड़के ने अपनी जिंदगी अच्छी करने के लिए उन्होंने सड़क में भी काम किया है। पड़ने के लिए और खाने के लिए पैसे कमाए है।

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और दूसरे के पास सही से किताब भी नहीं थी की वह सही से पढ़ाई कर सके पर उस लड़के ने हार नहीं मानी और लगे रहे। वो हाईस्कूल में एक बार फेल भी हुई किताब ना होने के बजह से उनके पास पैसे ही नहीं थे पर वो लगे रहे।

उन्होंने हार नहीं मानी। दूसरी बार में हाईस्कूल उन्होंने कर लिया था। वह भी उनके किसी दोस्त ने एक किताब चुराई थी। उसी में उन्होंने हाईस्कूल पास किया था।

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उनके पास ज्यादा रूपए न होने के कारण वे ज्यादा पढ़ाई नहीं कर पाए। वो बहुत गरीब थे की उन्होंने हाईस्कूल भी बड़ी मुश्किल से पास किया है उनके पास जब रूपए ख़तम हो जाता था तो वह जूवा खेलते थे और जब वो जीत जाते थे तो उसी पैसे को वो अपनी पढ़ाई में लगाते थे।

खैर उन्होंने किसी तरीके से हाईस्कूल पास किया फिर वह कोई नौकरी देखने लगे क्योकि उनकी आर्थिक इस्थति बोहोत ख़राब थी। इसी बजह से वे आगे नहीं बढ़ सके और उन्हें पढ़ाई रोकनी पड़ी।

उन्होंने नौकरी देखनी चालू की वो पढ़ाई में बहुत तेज थे की वो जो पड़ते थे वही उन्हें याद हो जाता था। उनका दिमाग बोहोत तेज था। और उसी दिमाग का उन्होंने साही प्रयोग किया।

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सबसे पहले उन्होंने एयरफोर्स की परीक्षा पास की उनके पास भर्ती केंद्रीय तक जाने के पैसे तक नहीं थे की वो भर्ती केंद्रीय में जा के अपना मेडिकल दे पाए।

उनकी एयरफोर्स की नौकरी छूट गई वो मेडिकल नहीं दे पाए। पर वो हार नहीं  माने और लगे रहे। क्योकि उन्हें पता था की हमने मेहनत की है और हमारी मेहनत कही न कही तो राग लाएगी।

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उन्होंने हार नहीं मानी फिर उन्होंने पुलिस की परीक्षा पास की उनकी परीक्षा एक बार में निकल गई।
वो  लोग हर दिन ये सोचते थे की हमें कुछ न कुछ करना है। यही जुनून उनको बोहोत आगे ले गया।

उस गांव में बोहोत लोग साथ में दौड़ने जाया करते थे पर उन दोनों को कोई अपने साथ में दौड़ने के लिए नहीं ले जाया करते थे। वो  सोचते थे की ये साले वेवकूख है। ये कुछ नहीं कर पाएंगे इन गरीबो को अपने साथ नहीं रखना है।

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उनको कोई अपने साथ नहीं रखता था। वो अकेले  रहते थे। वो अकेले दौड़ने जाया करते थे और जब ये लोग  दौड़ने जाया करते थे तो सब लोग सोया करते थे।

जब वो लोग दौड़ने जाया करते थे तो ये लोग वापस आया करते थे। आखिर कार उन दोनों की मेहनत राग लाई।
उनमे से एक लड़के ने पुलिस में मेडिकल निकाल लिया और उनका कॉल लेटर आ गया और वो नौकरी में हो गए।

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और दूसरे लड़के ने भी बोहोत मेहनत की उन्होंने  (CRPF) की परीक्षा दी और उनकी भी परीक्षा निकल गई।

फिर दौड़ भी निकल गई और उनका कॉल लेटर आ गया और वो नौकरी में हो गए। दोनों की जिंदगी सही हो गई
और अच्छे से चलने लगी। और आज वो अच्छे पैसे कमा रहे है। और अपने परिवार का पालन पोसड़ अच्छी तरह से कर रहे है

यह कहानी सच्ची घटना पर आधारित है। और जिसके ऊपर मै इस कहानी को लिख रहा हूँ अगर कोई गलती हो तो माफ करे मै उनका  बोहोत आभारी रहूँगा धन्यवाद।

Published by Kaushlendra Kumar

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