Love poems,कविता,हिंदी कविता


“तुमसे मिलने की आशा बहुत है,
मगर तुमसे मिलने कि रुत आती नहीं,
करूँ कितनी भी कोशिश दिल बहलाने की,
एक तेरी याद दिल से जाती नहीं ||”


“प्रेम कि राह में मुझको ले गई वो,
हाथ पकड़ के अपनी गली में ,
मैं तो चलता रहा उसी राह पर मगर,
अब मेरे पीछे वो है कि आती नहीं,
करूँ कितनी भी कोशिश दिल बहलाने की,
एक तेरी याद दिल से जाती नहीं ||”



“साथ चलने की चाहत तुम्हारी थी|
साथ जीने मरने की कसमें तुम्हारी थी||
राह काटता हूँ मैं अब तुम्हारे खयालो में मगर,
वो है कि मिलने आती नहीं |
करूँ कितनी भी कोशिश दिल बहलाने की,
एक तेरी याद है की दिल से जाती नहीं ||”


“क्या हुई थी गलती हमको समझानातो,
दूर जाने की वजह हमको बतानातो,
हम पूछते रहे उनसे पर, वो है कि कुछ बताती नहीं,
करूँ कितनी भी कोशिश भले रत दिन, दिल बहलानेकी ,
एक तेरी याद दिल से है कि कभी जाती नहीं,
क्या करू इस दिल का वो है की इस दिल से जाती नहीं  ||”

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